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राजीव गांधी जी को पुण्य तिथि पर श्रद्धांजलि

राजीव गांधी जी को पुण्य तिथि पर श्रद्धांजलि

 आज मेरे प्रिय नेता भारत रत्न की पुण्यतिथि है, मैंने राजीव जी के प्रधानमंत्री काल मे उनसे प्रभावित होकर भारतीय राष्ट्रीय छात्र संघठन से कांग्रेस मे प्रवेश किया, आज का दिन देश मे आंतकवादी विरोध दिवस के रूप मे मनाई जाती है, आज कोरोना महामारी मे देश मे जितनी भी गतिविधि चल रही है, वो कंप्यूटर युग की शुरुवात राजीव जी की है, 

राजीवजी की राजनीति में कोई रूचि नहीं थी और वो एक एयरलाइन्स में पायलेट  की नौकरी करते थे।
 
१९८० में अपने छोटे भाई संजय गांधी की एक हवाई जहाज़ दुर्घटना में असामायिक मृत्यु के बाद माता श्रीमति  इन्दिरागांधी को सहयोग देने के लिए सन् १९८२ में राजीव गांधी ने राजनीति में प्रवेश लिया।वो अमेठी से लोकसभा का चुनाव जीत कर सांसद बने।
 
३१ अक्टूबर १९८४ को प्रधानमंत्री श्रीमती इन्दिरा गांधी की हत्या इंदिरागाँधी के बाडीगॉर्ड (अंगरक्षक) द्वारा कर दी गई।
 
उसके बाद राजीव गाँधीजी भारत के प्रधानमंत्री बने।
 
१. राजीव गाँधी भारत में सूचना क्रांति के जनक माने जाते हैं. देश के कंप्यूटराइजेशन और टेलीकम्युनिकेशन क्रांति का श्रेय उन्हें जाता है .
 
२ .स्थानीय स्वराज्य संस्थाओं में महिलाओं को 33% रिजर्वेशन दिलवाने का काम किया।
 
३. मतदाता की उम्र 21 वर्ष से कम करके 18 वर्ष तक के युवाओं को चुनाव में वोट देने का अधिकार राजीव गांधी ने दिलवाया |
 
४. पंचायतीराज का विस्तार राजीव गाँधी के शासनकाल में हुआ।
 
चुनावों का प्रचार करते हुए २१ मई, १९९१ को तमिल आतंकवादी संगठन लिट्टे के सदस्य प्रभाकरन और नलिनी  ने राजीव की एक बम विस्फ़ोट में हत्या कर दी।
संदीप दुबे
चेयरमैन
पीसीसी लीगल डिपार्टमेंट